लेखक: विकास (आपका अपना कृषि भाई)
सस्टेनेबल फार्मिंग से 2026 में 2 गुना फसल कैसे उगाएं: नमस्कार मेरे प्यारे किसान भाइयों-बहनों, मैं विकास बोल रहा हूँ – आपका अपना ही एक किसान का बेटा। जब भी मैं खेत में जाता हूँ, मिट्टी को हाथ लगाते ही माँ-बाप की याद आती है। यही मिट्टी हमें पालती है, इसीलिए मैं इसे माँ कहता हूँ। आज दिल से दिल तक कुछ बातें करनी हैं – जैसे घर का बड़ा भाई छोटे भाई-बहन को प्यार से समझाता है।

2026 आने वाला है… घबराने की कोई बात नहीं?
किसान भाइयों , आपको बता दें कि पानी कम हो रहा है, मौसम अपना रंग बदल रहा है, मिट्टी थोड़ी थक सी गई है। लेकिन चिंता मत करो। मैं आपको आज वही 10 तरीके बता रहा हूँ जिनसे मैंने और मेरे कई साथी किसानों ने अपनी मिट्टी को फिर से हँसते हुए देखा है और फसल को दोगुना होते देखा है।
1. सबसे पहले मिट्टी से दोस्ती करो:
मिट्टी का टेस्ट करवाओ (सरकारी लैब में सिर्फ 150-200 रुपये में हो जाता है)। फिर गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और घर का बना जीवामृत डालो। दो साल लगातार प्यार दो, तीसरे साल माँ खुद दुगना दूध देगी – मेरा वादा है।
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2. मल्चिंग – मिट्टी को चुनरी ओढ़ाओ:
गेहूँ की पराली, सूखी घास या पुरानी फसल के अवशेष बिछा दो। पानी 50% तक बचता है, खरपतवार अपने आप भाग जाते हैं। पिछले साल मैंने सिर्फ पराली बिछाकर 18 क्विंटल गेहूँ अतिरिक्त लिया था।
3. ड्रिप लगवाओ – एक बार का खर्च, जिंदगी भर की बचत:
थोड़ा भी हो सके तो ड्रिप लगा लो। एक बूँद-एक बूँद पानी और जीवामृत सीधे जड़ तक पहुँचेगा। मेरे एक एकड़ का दूसरा साल ही पूरा पैसा निकल आया था।
4. फसल चक्र – मिट्टी को आराम भी दो:
गेहूँ → चना → मूंग → फिर गेहूँ। मिट्टी कभी नहीं थकेगी और कीड़े-रोग 80% तक कम हो जाएँगे।
5. देशी गाय का गोबर:
एक देशी गाय का गोबर-गोमूत्र से बना जीवामृत 10 एकड़ तक को ताकत दे देता है। हर 15 दिन में प्यार से छिड़काव करो, फसल खुद लहलहाएगी।
6. मिश्रित खेती – दो बहनें साथ-साथ:
गेहूँ में चना, सरसों में मसूर, गन्ने में प्याज-लहसुन। एक फसल कमाई देगी, दूसरी मिट्टी को ताकत। मैंने गेहूँ-चना साथ बोया तो चने ने अलग से 38 हजार रुपये दिए।
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7. नीम-लहसुन का घोल – घर का बना दवा:
200 लीटर पानी + नीम + लहसुन + थोड़ा तंबाकू उबालो। छिड़काव करो – सारी सुंडी-इल्ली भाग जाएँगी। खर्चा सिर्फ 400 रुपये प्रति एकड़।

8. खेत में छोटा तालाब बनवाओ:
हर 2-3 एकड़ में 10×10×10 फीट का गड्ढा। बारिश का पानी यहीं रुकेगा और गर्मी में कुआँ कभी नहीं सूखेगा।
9. बीज को माँ का आशीर्वाद दो:
बीज को रात भर गोमूत्र में भिगोकर, छाँव में सुखाकर बोओ। अंकुरण 95% तक हो जाता है और पौधा शुरू से ताकतवर रहता है।
10. सबसे जरूरी – धैर्य और प्यार:
हर साल अपना रिकॉर्ड रखो, मिट्टी से बातें करो, उसे प्यार दो। वो माँ है, आपको कभी निराश नहीं करेगी।
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आखिरी बात दिल से:
दोस्तों 2026 में जो किसान मिट्टी से सच्चा प्यार करेगा, वही सबसे आगे होगा। केमिकल का रास्ता आसान लगता है, लेकिन वो अंत में अंधेरा है। प्रकृति का रास्ता थोड़ा धीमा है, लेकिन हमेशा खुशियाँ देता है।
कोई सवाल हो, खेत की फोटो हो, या मन में दुविधा हो – बेझिझक कमेंट करो। मैं और मेरी छोटी-सी टीम जरूर जवाब देंगे। आप सब मेरे परिवार जैसे हो।
जय जवान, जय किसान… जय हिंद
आपका अपना, विकास भाई (खेती में खुश रहो, हमेशा मुस्कुराते रहो)
