गेहूं का समर्थन मूल्य 2020-21 पचास रुपये प्रति कुन्टल बढ कर 1975 रुपये प्रति कुन्टल हुआ

गेहूं का समर्थन मूल्य 2020-21 : कोरोना जैसे वैश्विक माहवारी की वजह से मन्दहाली की दौर से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था को उबालने मे जुटे हमारे देश के अन्नदाताओ के लिए एक बडी खबर है। गेहूं, सरसों व चना सहित रबी फसलों की बुआई की सोच कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केन्द्र में शासित मोदी सरकार ने गेहूं सहित विभिन्न प्रकार के रबी फसलों की समर्थन मूल्य को बढाने की फैसला किया है। इसकी जानकारी कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दी है।

किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रही मोदी सरकार ने अभी हाल ही मे कृषि सुधार व कृषि उपज विपणन समिति के लिए नये कानून की घोषणा की थी।
आप को बता दें कि हमारे देश में रबी फसलों में गेहूं की फसल का विशेष महत्व है। जिसकी बुआई देश मे बडे पैमाने पर की जाती है। गेहूं की समर्थन मूल्योंं मे इस समय परिवर्तन की वजह से किसानों पर बहुत बडा प्रभाव पड़ सकता है।

पचास रुपये प्रति कुन्टल तक बढा गेहूं का समर्थन मूल्य 2020-21 :

कृषि विधेयकों को लेकर हो रहे हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक मे गेहूं सहित आधा दर्जन रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने का फैसला किया है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को इस फैसले को अवगत कराते हुए बताएं कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2020-21 में ₹50 की वृद्धि की गई जबकि चने में ₹250 प्रति क्विंटल, मंसूर मे ₹300 प्रति कुंतल, सरसों में ₹225 प्रति कुंतल, जौ मे ₹75 प्रति कुन्टल जबकि कुसुम में ₹172 प्रति कुंटल की वृद्धि की गई।

पचास रुपये प्रति कुन्टल बढ कर 1975 रुपये प्रति कुन्टल हुआ गेहूं का समर्थन मूल्य 2020-21 :

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मूल्यों में वृद्धि के बाद इस प्रकार हुई विभिन्न फसलों के समर्थन मूल्य, रबी सीजन की सबसे महत्वपूर्ण फसल गेहूं का समर्थन मूल्य 2020-21 1975 रुपये प्रति कुन्टल, चना व मंसूर का समर्थन मूल्य 2020-21 5100 रुपये प्रति कुन्टल, सरसों का मूल्य 4650 रुपये प्रति कुन्टल, जौ का मूल्य 1600 रुपये प्रति कुन्टल जबकि कुसुम का मूल्य 5327 रुपये प्रति कुन्टल तक पहुंच गया है।

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