मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना: मुंबई, 20 सितंबर 2025 – भाई-बहनों, अगर आप महाराष्ट्र की उन लाखों महिलाओं में से एक हैं जो मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार ने इस योजना को और ज्यादा आसान बनाने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब घर बैठे, बस अपने मोबाइल फोन से आप रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकती हैं। यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं देती, बल्कि महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देती है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को लॉन्च हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है, लेकिन यह महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुकी है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार ने इसे 21 से 65 साल की महिलाओं के लिए शुरू किया था। योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये सीधे बैंक अकाउंट में दिए जाते हैं। पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी कतारों और ढेर सारे कागजों की जरूरत होती थी, लेकिन अब ई-केवाईसी के साथ पूरा प्रोसेस डिजिटल हो गया है। अब आपको लाइन में लगने या इधर-उधर दौड़ने की जरूरत नहीं – बस आधार कार्ड और बैंक अकाउंट लिंक करें, और काम हो गया!

इस योजना से जुड़े लोगों के सवाल जवाब?
| Question | Answer |
|---|---|
| लाडकी बहिन क्या है? | मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना, महाराष्ट्र की महिलाओं को हर महीने ₹1,500 देने वाली योजना है। |
| लाडकी बहिन KYC क्यों जरूरी? | पैसे सीधे बैंक में जाने के लिए ई-KYC अनिवार्य है। |
| E KYC लाडकी बहिन योजना कैसे करें? | mahila.aaple.gov. in पर जाकर आधार, बैंक डिटेल्स डालें, OTP वेरिफाई करें और ई-साइन करें। |
| कौन आवेदन कर सकता है? | 21–65 साल की महिलाएं जिनकी सालाना फैमिली इनकम 2.5 लाख तक है। |
| लाडकी बहिन ई KYC से क्या फायदा? | पैसा सीधे सुरक्षित बैंक अकाउंट में आता है और समय बचता है। |
| मदद कहाँ मिलेगी? | नजदीकी CSC या हेल्पलाइन 1800-xxx-xxx (टोल फ्री) पर। |
ई-केवाईसी क्या है और क्यों जरूरी?
ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर। यह एक डिजिटल तरीका है अपनी पहचान साबित करने का, बिना किसी फिजिकल डॉक्यूमेंट के। लाडकी बहिन योजना के लिए यह जरूरी है, क्योंकि सरकार चाहती है कि पैसे सीधे आपके बैंक खाते में जाएं, कोई बिचौलिया न हो। अगर आपका आधार पहले से मोबाइल नंबर से लिंक है, तो यह और भी आसान हो जाता है। आप महाराष्ट्र सरकार के पोर्टल या डिजिटल इंडिया ऐप्स से यह पूरी प्रक्रिया कर सकती हैं।
हाल ही में जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, अब तक 1.5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कर लिया है। लेकिन अभी भी लाखों महिलाएं, खासकर ग्रामीण इलाकों में, पीछे हैं। ई-केवाईसी समय बचाने के साथ-साथ धोखाधड़ी से भी बचाता है। सोचिए, पैसा सीधे आपके बैंक खाते में सुरक्षित रूप से आता है, और वो भी बिना किसी झंझट के।
कैसे करें लाडकी बहिन ई-केवाईसी? स्टेप बाय स्टेप
चलिए, मैं आपको बिल्कुल सरल भाषा में बताता हूं, जैसे भाई अपनी बहन को समझा रहा हो:
- वेबसाइट पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट mahila.aaple.gov.in खोलें। वहाँ ‘माझी लाडकी बहिन’ सेक्शन में क्लिक करें।
- आधार डिटेल्स डालें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर एंटर करें। यदि आपका मोबाइल आधार से लिंक है तो OTP आएगा।
- OTP वेरिफाई करें: OTP डालते ही आपका पहला स्टेप पूरा।
- बैंक डिटेल्स डालें: अपना बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड जोड़ें। DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के लिए यह जरूरी है।
- फॉर्म भरें: उम्र, पता और फैमिली इनकम जैसी बेसिक डिटेल्स भरें। योजना के अनुसार सालाना 2.5 लाख तक की फैमिली इनकम वालों को ही फायदा मिलेगा।
- ई-साइन करें: आधार पर ई-साइन करें और सबमिट। आमतौर पर 24 घंटे के अंदर अप्रूवल मिल जाता है।
अगर इंटरनेट या मोबाइल की दिक्कत हो, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर मदद ले सकते हैं। सरकार ने वहां भी फ्री ई-केवाईसी की सुविधा शुरू कर दी है।

योजना का असर: असली कहानियां
अंकड़े तो ठीक हैं, लेकिन असली मजा उन महिलाओं की कहानियों में है जिन्होंने इससे लाभ लिया। नागपुर की राधा ताई, 45 साल की, बताती हैं, “पहले घर का खर्च चलाना मुश्किल था। अब ये 1,500 रुपये से बच्चों की पढ़ाई पर फोकस कर पाई हूं। ई-केवाईसी ने तो जैसे जादू कर दिया – 10 मिनट में हो गया!”
इसी तरह पुणे की एक महिला ग्रुप ने पैसे जोड़कर छोटा बिजनेस शुरू किया। यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं देती, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करती है।
चुनौतियां और हेल्पलाइन
कुछ जगहों पर जागरूकता की कमी और टेक्निकल समस्याएं हैं। सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन 1800-xxx-xxx (टोल फ्री) भी शुरू की है। आप कॉल करके आसानी से मार्गदर्शन ले सकती हैं।
आगे की राह: मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना
मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, “हमारी लाडकी बहनें महाराष्ट्र की ताकत हैं। ई-केवाईसी जैसे कदम से हम इसे हर घर तक पहुंचाएंगे।” 2025 के बजट में इस योजना के लिए 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि और ज्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
तो बहनों, अगर आपने अभी तक माझी लाडकी बहिन योजना में ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो आज ही कर लें। यह आपका हक है, आपका सम्मान। और भाई लोग, अपनी बहनों और माताओं को बताएं और उनका सपोर्ट करें। क्योंकि एक मजबूत महाराष्ट्र तभी बनेगा जब हमारी महिलाएं मजबूत होंगी।
