नमस्कार किसान भाइयों, अगर आप भी अपने खेत से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो आपको संकर धान PRH-10 (Hybrid PRH-10) किस्म के बारे में जरूर जानना चाहिए। यह किस्म भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने खासतौर से तैयार की है ताकि किसानों को कम पानी में ज्यादा उपज मिल सके।
अगर आप कम पानी में धान की खेती करके ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो Hybrid PRH-10 धान आपके लिए बेस्ट विकल्प है। यह किस्म न केवल सूखे मौसम में टिकाऊ है, बल्कि रोगों के प्रति भी इसकी प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी है। यही वजह है कि आज हजारों किसान इस किस्म को चुन रहे हैं और बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं।
मुख्य बातें:
- कम लागत में ज्यादा उत्पादन।
- कम समय में फसल तैयार।
- कम पानी में खेती संभव।

Hybrid PRH-10 धान की जानकारी:
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| किस्म का नाम | Hybrid PRH-10 (संकर धान) |
| विकसित किया | IARI (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) |
| उपज | 25-30 कुंटल प्रति एकड़ |
| फसल अवधि | 120-125 दिन |
| बीज की मात्रा | 2-3 किलो प्रति एकड़ |
| रोपाई समय | 25-30 दिन पुरानी नर्सरी पौध |
| सिंचाई | बुवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें |
| खाद | संतुलित मात्रा में NPK (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) |
| रोग प्रतिरोधक क्षमता | अधिक – खुद को कई बीमारियों से बचाने में सक्षम |
| उपयोग क्षेत्र | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार |
| फसल की पहचान | मजबूत पौधे, कम पानी में भी उपज संभव |
| कटाई समय | 80% बालियों के पकने पर |
| भंडारण | अच्छी तरह सुखाकर, नमी रहित जगह में रखें |
| मुख्य लाभ | कम लागत, कम पानी, ज्यादा उत्पादन |
PRH-10 क्या है और क्यों है खास?
PRH-10 एक संकर धान की किस्म है जो सामान्य धान की तुलना में ज्यादा उपज देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम पानी में भी अच्छी उपज देती है और कई बीमारियों से खुद को बचा लेती है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में इसके इस्तेमाल से किसान भाई अच्छा लाभ कमा रहे हैं।
Hybrid PRH-10 धान की खेती में कम लागत लगती है और यह जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे किसान समय पर दूसरी फसल भी ले सकते हैं। इसकी उच्च उत्पादन वाली धान की किस्म के रूप में पहचान बन चुकी है, खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में। अगर आप भी फसल से दोगुना मुनाफा चाहते हैं तो इस उन्नत किस्म को ज़रूर आज़माएं।
मुख्य बातें:
- IARI द्वारा विकसित उन्नत किस्म।
- ज्यादा उत्पादन और मजबूत पौधे।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी।
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उत्पादन क्षमता और समय:
Hybrid PRH-10 किस्म से किसान भाई प्रति एकड़ 25 से 30 कुंटल तक धान निकाल सकते हैं। इसकी फसल करीब 120 से 125 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है, जिससे दूसरी फसल लगाने के लिए भी पर्याप्त समय बचता है।
Hybrid PRH-10 (IARI द्वारा विकसित) एक बेहतरीन संकर धान की किस्म है जो कम पानी में खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। इस उन्नत किस्म की उच्च उपज (25-30 कुंटल प्रति एकड़) किसानों को कम संसाधनों के साथ अधिक उत्पादन दिलाती है, जिससे कम लागत में अधिक मुनाफ़ा संभव होता है। बचत सिंचाई की यह क्षमता विशेषकर उन इलाकों के लिए लाभकारी है जहाँ पानी की कमी एक बड़ी समस्या है।
मुख्य बातें:
- प्रति एकड़ 25-30 कुंटल उपज।
- 120-125 दिनों में फसल तैयार।
- जल्दी कटाई से समय की बचत।
खेत की तैयारी कैसे करें?
PRH-10 की खेती के लिए खेत की अच्छी जुताई बहुत जरूरी है। खेत को भुरभुरा बनाएं ताकि पौधों की जड़ें मजबूत हों। बीज को पहले नर्सरी में बोकर 25-30 दिन बाद खेत में रोपाई करनी चाहिए। प्रति एकड़ सिर्फ 2-3 किलो बीज ही काफी होता है।
PRH-10 की खेती से किसान न केवल फसल में तेजी से सफलता हासिल करते हैं (120-125 दिनों में कटाई संभव), बल्कि IARI की वैज्ञानिक तैयारी के कारण यह किस्म रोग-प्रतिरोधक भी है। यह कृषि तकनीक किसानों को कम जोखिम और बेहतर आय का अवसर प्रदान करती है — खासतौर पर उन भौगोलिक क्षेत्रों में जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा, जहां जल प्रबंधन और उत्पादन लागत चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
मुख्य बातें:
- मिट्टी को भुरभुरा रखें।
- 25-30 दिन पुरानी पौध लगाएं।
- प्रति एकड़ 2-3 किलो बीज।
खाद और सिंचाई का ध्यान रखें:
PRH-10 को अच्छी पैदावार देने के लिए संतुलित खाद जरूरी है। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश सही मात्रा में डालें। बुवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और जरूरत के अनुसार नमी बनाए रखें। खेत में जलभराव से बचने के लिए पानी निकासी का इंतजाम रखें।
मुख्य बातें:
- संतुलित खाद डालें।
- पहली सिंचाई तुरंत करें।
- जलभराव से बचाव जरूरी।
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रोग और कीट नियंत्रण कैसे करें?
PRH-10 वैसे तो कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम है, लेकिन खेत की नियमित निगरानी जरूरी है। पत्तियों पर कोई दाग या बीमारी दिखे तो कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें और जैविक या रासायनिक दवाओं का सही उपयोग करें।
मुख्य बातें:
- खेत की नियमित निगरानी करें।
- पत्तियों पर दाग दिखे तो तुरंत इलाज।
- जैविक या रासायनिक दवाओं का सही इस्तेमाल।
कटाई और भंडारण की सही तकनीक:
जब धान की बालियां 80% तक पक जाएं और सुनहरी हो जाएं तो कटाई कर लें। कटाई के बाद धान को अच्छे से धूप में सुखाएं और नमी पूरी तरह निकल जाने पर ही भंडारण करें, ताकि फसल सुरक्षित रहे।
मुख्य बातें:
- 80% पकने पर कटाई करें।
- धान को अच्छी तरह सुखाएं।
- नमी रहित भंडारण करें।

क्यों चुने Hybrid PRH-10?
आज के बदलते मौसम और पानी की कमी के दौर में Hybrid PRH-10 किसानों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। कम पानी, ज्यादा पैदावार और कम रोग खतरे से यह किस्म हर किसान के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
मुख्य बातें:
- कम पानी में ज्यादा उपज।
- रोगों से सुरक्षा।
- किसानों की कमाई में इजाफा।
निष्कर्ष:
अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी खेती से अच्छी आमदनी हो और कम लागत में ज्यादा पैदावार मिले तो संकर धान PRH-10 (Hybrid PRH-10) को जरूर अपनाएं। सही तकनीक, समय पर देखभाल और थोड़ी समझदारी से आप भी अपनी खेती को मुनाफे का सौदा बना सकते हैं।
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